सनातन धर्म का मूल मंत्र क्या है

यही सनातन धर्म का सत्य है। सनातन धर्म के मूल तत्व सत्य, अहिंसा, दया, क्षमा, दान, जप, तप, यम-नियम आदि हैं जिनका शाश्वत महत्व है। अन्य प्रमुख धर्मों के उदय के पूर्व वेदों में इन सिद्धान्तों को प्रतिपादित कर दिया गया था।

सनातन हिंदू महासभा

हमारी संस्था से जुड़े के लिए रजिस्टर करे

संगठन दान पत्र

सनातन की रक्षा और वृद्धि करें

भारत को सर्वश्रेष्ठ राष्ट्र के रूप मे विश्व पटल पर स्थान दिलाना

भारत को एक सशक्त राष्ट्र बनाने के लिए जो दल नैतिक मानदंडो और श्रेष्ठ रास्तो पर चलता है, सभा उसका समर्थन करता है और व्यक्ति निर्माण के माध्यम से ऐसे राष्ट्र भक्त लोगो को सभा के माध्यम से तैयार करता है।

लव शुक्ल “राष्ट्रीय अध्यक्ष”
“सनातन हिन्दू महासभा”

एकाधिक सभा और सम्मेलन

सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यही है क्योंकि आज कई राजनैतिक दल इसकी गलत व्याख्या कर रहे हैं। हिंदुत्व एक जीवन दृष्टि और विचारधारा है -“Hindutwa is a Way of Life.” हिंदू कोई धर्म नहीं है। हम जानते है कि एक ही चैतन्य भिन्न भिन्न रूपो में व्याप्त है, विविधता में एकता, भारत के जीवन मूल्यों को अपने आचरण से प्रतिष्ठित करने वाला व्यक्ति हिंदू है, चाहे उसका उपासना पंथ या ग्रंथ कुछ भी हो। धर्म बदलने से जीवन के ध्येय नहीं बदलते। मुस्लिम, ईसाई सब यदि जीवों के कल्याण और रक्षा एवं आत्मा की पवित्रता में विश्वास रखते हैं तो वे सब भी हिंदू जीवन दर्शन की परंपरा के अनुरूप ही माने जा सकते हैं, इसलिए किसी भी मज़हब को मानने वाला हो वो भी सभा में आ सकता है, केवल उसकी विचारधारा में राष्ट्रभक्ति और सभी धर्मों और समाजों के प्रति संवेदनशीलता होनी चाहिए और इसी का निर्माण सभा के माध्यम से किया जाता है।

सनातन हिंदू महासभा का रिश्ता है?

जो भी दल राष्ट्र को सर्वोत्कर्ष पर ले जाने के लिए कार्य करेगा, उसको सभा का साथ मिलेगा। भाजपा की विचारधारा सभा से मिलती है इसलिए सभा आवश्यकतानुसार उनका समर्थन करता है। सभा पूर्णतः किसी एक दल के लिए कार्य नहीं करता है।

हमारे स्वयंसेवक

स्वयंसेवक शामिल

9670330011

हाल के समाचार और अपडेट

गरीबी की रक्षा और वृद्धि

शिवलिंग पर दूध मत चढ़ाओ भगवान को भूख नहीं लगती..तो क्या मुर्दों को “निमोनिया” हुआ है जो चादर चढ़ाने पहुच जाते हो। हद है..….?

शिवलिंग पर दूध मत चढ़ाओ भगवान को भूख नहीं लगती..तो क्या मुर्दों को “निमोनिया” हुआ है जो चादर चढ़ाने पहुच

Read More »
Scroll to Top